11 जुलाई 2017

...... यादें कभी नहीं मिटती :)


जब कभी कुछ ढूंढता हूँ
कुछ चीजे फुर्सत में
तो मिल जाती है अक्सर कुछ पुरानी चीजें
जिसे देख खो जाता हूँ पुरानी यादों में
कल ही अलमारी में मिली
कुछ पुरानी पर्चियां, दीदी की पुरानी चप्पल ,
पिता जी का मफलर और माँ की पुरानी शॉल
जिसे देख याद आ जाती है पुरानी यादें
सर्दी के दिनों में
माँ इसी शॉल में छिपा लेती थी
मुझे और दीदी को गर्माहट के लिए
और दीदी की वही पुरानी चप्पल है जिसे पहन
मै अक्सर
चला जाता था खेलने
दीदी की परेशान करने के लिए
चीजे चाहे ख़त्म हो जाये पर
पुरानी यादें जेहन से कभी नहीं मिटती
वो हमेशा जुड़ी रहती है
हमारी जिंदगी से .........!!


-- संजय भास्कर

15 टिप्‍पणियां:

Kavita Rawat ने कहा…

यादें और उम्मीद इंसान के हौसले के लिए जरुरी हैं
बहुत सुन्दर

sweta sinha ने कहा…

हाँ जी, बिल्कुल सही कहा,यादें जीवन का अभिन्न अंग है।
किसी न किसी रुप में साथ चलती है हमारे साथ रहती है,
सदैव ।
मन की बात कहती आपकी रचना संजय जी सुंदर।।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

यादें भी जिंदगी का एक हिस्सा ही होती हैं जो जिंदगी रहने तक बनी रहती हैं और खासकर अपनों की. बहुत सुंदर.
रामराम
#हिन्दी_ब्लॉगिंग

SANDEEP PANWAR ने कहा…

ब्लॉग की याद आ गयी भास्कर भाई,

Meena Bhardwaj ने कहा…

यादों के खजाने से बहुत खूबसूरत पल निकाले हैं भास्कर जी जो आपके साथ-साथ पाठकों को भी उनकी यादों के दरवाजे‎ पर ले जाते हैं .

Digamber Naswa ने कहा…

यादें आशा का खजाना होती हैं ... और बचपन की यादें तो गुदगुदाती हैं ...
आस पास ही रहती हैं हमेशा ...

desh ने कहा…

Sundar Kavita !!

Anita ने कहा…

भावपूर्ण कविता..

Rewa tibrewal ने कहा…

sach kaha sanjay ....waah bahut sundar kavita

Sachin tyagi ने कहा…

बहुत सुंदर लिखा है आपने,
जी लेते है देख हम फिर से बचपन, अलमारी में रखी उन पुरानी चीजों से

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

भावपूर्ण रचना... क्या क्या याद दिला दिया!

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

भावपूर्ण ..स्मृतियाँ सदैव कायम रहती हैं

Harshita Vinay ने कहा…

वास्तव में यादें कभी नही मिटती

Dilbag Virk ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक चर्चा मंच पर चर्चा - 2672 में दिया जाएगा
धन्यवाद

Gopesh Jaswal ने कहा…

मधुर स्मृतियाँ हमारे आज के मशीनी जीवन में रस घोलती रहती हैं.